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समस्तीपुर: एलपीजी वितरण में राहत, नियंत्रण कक्ष स्थापित, शिकायतों का निवारण अब सीधे संभव

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समस्तीपुर: बिहार में एलपीजी (LPG) की आपूर्ति और संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना की दिशा-निर्देशों के तहत समस्तीपुर जिले में एक विशेष नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष हर दिन सुबह 7 बजे से लेकर शाम 9 बजे तक आमजन की सुविधा के लिए कार्य करेगा।
इस नियंत्रण कक्ष के माध्यम से जिले के निवासी अपने गैस सिलेंडरों से जुड़ी किसी भी प्रकार की कठिनाई या शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए कॉल करना होगा: 06274-222300। अधिकारी इस दौरान लगातार शिकायतों का निपटारा करेंगे और किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान सुनिश्चित करेंगे।
समस्तीपुर जिले में कुल 86 एलपीजी एजेंसियां कार्यरत हैं। इन एजेंसियों के माध्यम से जिले में घरेलू रसोई गैस की वितरण प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित की जा रही है। औसतन, जिले में प्रतिदिन 19,111 गैस सिलेंडरों की खपत होती है, जबकि वितरण प्रक्रिया के तहत 16,207 गैस सिलेंडरों की डिलीवरी उपभोक्ताओं के घरों तक की जा रही है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलेंडर की उपलब्धता पर्याप्त है और जिले में किसी प्रकार की गंभीर कमी नहीं है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से यह आग्रह किया है कि अवास्तविक और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। कई बार सोशल मीडिया या अफवाहों के कारण लोग अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों या गोदामों पर भीड़ जमा कर लेते हैं, जो व्यवस्थाओं में व्यवधान पैदा करता है। प्रशासन ने साफ किया है कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी निर्धारित समय के अनुसार हो रही है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बाद सामान्यतः दो से तीन दिनों के भीतर घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर की आपूर्ति उनके घरों तक सुनिश्चित की जा रही है। यह प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित है और किसी भी तरह की देरी की स्थिति में उपभोक्ता सीधे नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं।
जिला प्रशासन ने गैस वितरण को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग की समय-सीमा तय की है। शहरी क्षेत्रों में, उपभोक्ता अपने अंतिम गैस सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिनों बाद ही नई बुकिंग कर सकते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिनों निर्धारित की गई है। इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस वितरण में व्यवधान न आए और सभी उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर पहुँच सके।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि नियंत्रण कक्ष न केवल शिकायतों का निवारण करेगा, बल्कि जिले में एलपीजी वितरण की निगरानी और नियंत्रण भी करेगा। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी एजेंसी या गोदाम में किसी प्रकार की अनियमितता या असुविधा पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने नागरिकों को यह भी सलाह दी है कि एलपीजी सिलेंडर के लिए अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएं। यदि सिलेंडर बुकिंग समय पर की जाती है तो उपभोक्ताओं को दो से तीन दिनों के भीतर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियंत्रित है।
समस्तीपुर जिले में एलपीजी वितरण प्रणाली का उद्देश्य न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है, बल्कि ग्राम और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से सुविधा उपलब्ध कराना भी है। अधिकारियों ने कहा कि जिले में किसी भी उपभोक्ता को सिलेंडर की कमी या वितरण में समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जिला प्रशासन और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग लगातार यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि एलपीजी वितरण प्रणाली पूरी तरह प्रभावी और व्यवस्थित बनी रहे। उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण तुरंत किया जा रहा है और किसी भी तरह की अनियमितता पर निगरानी रखी जा रही है।
इस नियंत्रण कक्ष के माध्यम से उपभोक्ता किसी भी प्रकार की कठिनाई, विलंब, या एजेंसी से संबंधित शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं। अधिकारी इस दौरान यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी शिकायतों का त्वरित समाधान हो और किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर की कमी का सामना न करना पड़े।
जिले में एलपीजी वितरण की पूरी प्रक्रिया पूर्व निर्धारित समय और नियमों के अनुसार हो रही है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को सिलेंडर समय पर नहीं मिला है, तो वह सीधे नियंत्रण कक्ष में संपर्क कर सकते हैं, और उनकी समस्या तुरंत हल की जाएगी।
समस्तीपुर जिले में स्थापित इस नियंत्रण कक्ष से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि एलपीजी की खपत और डिलीवरी का पूरा डेटा उपलब्ध रहे। इससे न केवल आपूर्ति में सुधार होगा, बल्कि किसी भी प्रकार की शिकायत या अव्यवस्था की स्थिति में प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर सकेगा।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित एजेंसियों और नियंत्रण कक्ष के माध्यम से ही शिकायत दर्ज करें। अफवाहों या अनधिकृत स्रोतों पर ध्यान देने से केवल भ्रम और अव्यवस्था बढ़ सकती है।
अंततः, समस्तीपुर जिले में एलपीजी वितरण को सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नियंत्रण कक्ष का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना और वितरण प्रणाली में कोई बाधा न आने देना प्रशासन की प्राथमिकता है।

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